10 प्रेरणादायक लघु कहानियां। Laghu Katha | Best Motivational Short Stories In Hindi

इस पोस्ट में हम जानेंगे, 10 प्रेरणादायक लघु कहानियां ( Laghu Katha in Hindi )। प्रेरणा के कई सारे स्रोत होते है। इंसान को हर जगह से प्रेरणा मिल सकती है।

जैसे की कोई अपने मोबाइल में गाना सुन के प्रेरित हो सकता है, या फिर किसी को असाधारण परिस्थियों का सामना करके उस पर विजय प्राप्त करते हुए देख के भी प्रेरित हुआ जा सकता है।

मगर कोई इंसान प्रेरणा के लिए बेताब है तो एक विशेष श्रोत होता है जो कभी निराश नहीं करता। वो है कहानिया ( रोचक लघु कहानी )। कहानिया एक ऐसा माध्यम होती है जिससे इंसान बहुत जल्दी ही motivate हो जाता है।

हर इंसान अपने काम में सफल होना चाहता है। उनके अपने कुछ छोटे और कुछ बड़े लक्ष्य  होते है पर हर इंसान अपने लक्ष्य पे सफल हो ऐसा नहीं होता।

इसका सबसे बड़ा कारन है की जो लोग अपने लक्ष्य को हासिल कर लेते है वह सफल लोगो के बारे में motivational story पढ़ते है उसके जीवन से सीखते है। हमें अपने काम में सफल होने के लिए motivation की जरूरत पड़ती है। इसलिए प्रेरक कहानी एक ऐसा माध्यम है जिसे पढ़ के हम प्रेरित होते है।

इस पोस्ट में हम 10 प्रेरणादायक लघु कहानियां( Laghu Katha in Hindi ) साझा करेंगे जो आपके जीवन में, आपके काम में आपको आगे पढ़ने के लिए प्रेरित करेंगी।

10 प्रेरणादायक लघु कहानियां। रोचक लघु कहानी laghu katha

1. आस पास का माहौल।

एक बार एक कुत्ता गलती से एक कमरे में घुस गया। जहा चारो तरफ ऊपर नीचे शीशे ही लगे हुए थे। कुत्ता आश्चर्य से देखता रहा उसके चारो तरफ ऊपर नीचे हर जगह बस कुत्तो का झुंड ही दिखाई दे रहा था।

कुत्ते ने डर के कारन हल्का सा दांत निकाल के भौंका। ताकि सारे कुत्ते वहाँ से भाग जाये। पर वहाँ दिख रहे उस कुत्ते की सारी परछाई ने भी एक साथ भौंका।

वह कुत्ता और डर गया। डर से और जोर जोर से भोंकने लगा। साथ इस उस कुत्ते की परछाइयों ने भी उसी तरह भोकना चालू कर दिया। और जोर की गूँज के साथ वो कुत्ता भोंकता रहा और अपने ही परछाइयों को काटने लगा। शीशे से टकरा के उसके दांतो में चोट लगती वह फिर भी और जोर से सामने वाले कुत्ते को काटने दौड़ता।

गिरता उठता फिर वही प्रक्रिया दोहराता रहा। काफी समय के बाद वहाँ कुछ लोग आये तो उन्होंने देखा वो कुत्ता बेजान और चोटिल अवस्था में  वहाँ पड़ा रहा।

कहानी से शीख : इस कहानी से हमें ये शिक्षा मिलती है की। यह दुनिया अच्छी या बुरी नहीं होती। बल्कि हम ही इसे अपने विचारो से अपने आस पास के माहौल से इसे अच्छा या बुरा बनाते है।

2. दुसरो पे संदेह।

एक लकड़ा और लड़की हमेशा एक साथ ही खेलते थे। एक दिन वो लड़की अपने पास कुछ मिठाई रखी थी। और लड़के पास कुछ खिलौने थे। लड़के ने लड़की से कहा क्या तुम मुझे अपने सारी मिठाई दे सकती हो। इसके बदले मैं तुम्हे अपने सारे खिलौने दे दूंगा।

लड़की इस बात के लिए राजी हो गई और अपनी सारी मिठाई उस लड़के को दे दी। लड़के ने भी सारे खिलौने उस लड़की को दे दिया, बस एक सुन्दर सा खिलौना अपने पास चुपके से रख लिया। 

लड़की खिलौने पा के खुश हो गई और अपने घर चली गई। लड़का भी मिठाई पा के खुश हुआ वो भी अपने घर आ गया। लड़की रात को आराम से सो गई। पर लड़के को रात भर नींद नहीं आई।

क्यों की वो लड़का रात भर बस ये सोच के परेशान हो रहा था कि, क्या ? वो लड़की भी कुछ स्वादिष्ट मिठाई उससे छुपा ली होगी। जिस तरह उसने अपना सबसे अच्छा खिलौना छुपाया है।

कहानी से शीख : इसी तरह अगर आप किसी के साथ गलत करते है तो आपको चिंता बनी रहती है कि वो भी हमारे साथ गलत करेगा। इसलिए हमें हमेसा किसी के साथ गलत नहीं करना चाहिए।

3. किसी को जज ना करे। ( 10 प्रेरणादायक लघु कहानियां )

एक 25 साल की लड़की अपने पिता जी के साथ ट्रैन में सफर कर रही थी। खिड़की से बहार देखते हुए उसने जोर से चिल्लाया पिता जी देखो ये पेड़ पीछे जा रहे है।

पिता जी मुस्कुरा दिए। पास में बैठे लोगो ने देखा लड़की इतनी बड़ी है और इसका व्यवहार बच्चो के जैसा है। शायद ये लड़की मानसिक रूप से कमजोर है।

तभी वो लड़की फिर चिल्लाई और बोली पिता जी देखो ये बादल हमारे साथ दौड़ रहे है। तभी पास बैठे लोगो में से एक ने लड़की के पिता जी से कहा। माफ़ करिये पर आप अपनी लड़की का इलाज किसी अच्छे डॉक्टर से क्यों नहीं कराते ?

लड़की के पिता मुस्कुराये और बोले। हाँ मैंने अपने बेटी का इलाज करवा लिया है और अभी हम लोग हॉस्पिटल से आ रहे है। मेरी बेटी जन्म से ही अंधी थी। हॉस्पिटल में उसके इलाज के बाद आज ही उसने ये दुनिया देखना चालू किया है।

कहानी से शीख : कभी भी किसी के बारे में जानने से पहले उसे जज ना करे, सच कुछ भी हो सकता है।

4. दुसरो की मदद।

एक बार की बात है एक सेमिनार में 200 लोगो ने हिस्सा लिया। वह पे जो प्रवक्ता थे उन्होंने वहां बैठे हर इंसान को एक गुब्बारा दिया और उसपे अपना नाम लिखने को कहा। वहां बैठे सभी लोगो ने गुब्बारे पे अपना अपना नाम लिख दिया।

प्रवक्ता ने उन गुब्बारों को लिया और एक कमरे में रख दिया। फिर प्रवक्ता ने सभी लोगो के कहा आप लोग उस कमरे में जाइये और 5 मिनट के अंदर अपने नाम का गुब्बारा ले के आइये।

सभी लोग कमरे के अंदर गए। और एक दूसरे को धक्का देते हुए अपने नाम का गुब्बारा ढूंढ़ने लगे। नतीजा ये हुआ की 5 मिनिट बीत गए पर किसी को भी अपने नाम का गुब्बारा नहीं मिला।

इसके बाद प्रवक्ता कहते है की एक बार फिर से अंदर जाओ और कोई सा भी गुब्बारा मिले उसे उठा लो और उसपे जिसका नाम लिखा है उसे दे दो। 5 मिनिट से भी कम समय से सबके पास अपने नाम का गुब्बारा आ गया।

कहानी से शीख : इस कहानी से हमें ये शिक्षा मिलती है की अपने ही भलाई के बारे बस नहीं सोचना चाहिए। दुसरो की मदद करने से भी हमारा काम आसान हो सकता है।

5. बन्दर का शिकार।  ( जाने दो )

पहले के समय में शिकारी बन्दर का शिकार करने के लिए ना तो पेड़ पे जाल बिछाते थे ना ही उन्हें तीरो से मारते थे। वो लोग बस जमीन के अंदर एक सुराही को जमीन के अंदर गाड़ देते थे, और उसमे बंदरो का पसंदीदा खाना डाल देते थे। और बस छुप के बंदरो के आने का इंतजार करते।

जैसे ही कोई बन्दर वहा आता था। खाना निकालने के अपना हाँथ उस सुराही में डालता। खाने को पकड़ के मुट्ठी बांधता। और बहार निकालने की कोशिश करता। पर सुराही की गर्दन पतली होने के कारन बन्दर अपना हाँथ बहार नहीं निकाल पाते थे।

खाने को छोड़े बिना सुराही से बाहर हाँथ निकालने का कोई तरीका नहीं था। फिर भी बंदर खाने के लालच में ना खाना छोड़ते ना अपना हाथ बहार निकाल पाते। फिर शिकारी बन्दर के पास जाते और उन्हें आसानी से पकड़ लेते।

कहानी से शीख : उस बन्दर की तरह मत बनो। आपको पता होना चाहिए की कब छोड़ना है कब आगे आगे बढ़ना है। आपको सफल होने के लिए जो भी चीज आपको रोक रही है उसे छोड़ देना चाहिए। इंसान को अपने भविष्य में आगे बढ़ने के लिए लिए कभी कभी कुछ चीजों को जाने देना चाहिए।

6. हाथी और रस्सी।

एक दिन एक आदमी हाँथियो के बाड़े से हो के गुजर रहा था। नजदीक पहुंच के उसने देखा की इतने विशाल हाँथियो को ना तो पिंजरे में रखा गया था ना ही इन्हे जंजीरो से बंधा गया था। उन्हें बस एक साधारण रस्सी से एक खूंटे में बंधा गया था।

इस उलझन में की इतने साधारण रस्सी को ये हांथी कभी भी तोड़ के भाग सकते है। पर भाग क्यों नहीं रहे ? ये सवाल उस आदमी ने वहाँ के हांथी पालक से पूछा।

हांथी पालक ने जवाब दिया ये हांथी जब बच्चे थे तब भी रस्सी से बंधे होते थे। और बार बार प्रयास करने के बाद भी हाँथियो से रस्सी नहीं टूटती थी। ( 10 प्रेरणादायक लघु कहानियां )

इस लिए अब बड़े होने के बाद भी ये उन्हें ये विश्वाश हो गए है की ये रस्सी कभी नहीं टूट सकती। इस कारन वे कभी रस्सी तोड़ने की कोशिश नहीं करते है।

कहानी से शीख : अक्सर लोग विश्वास कर लेते है की उनसे ये काम नहीं होगा। पर हमारी छमता हमारे विश्वास से परे है। इसलिए अपनी छमता को पहचान के कार्य करना चाहिए।

7. जोर देना बंद करो। ( 10 प्रेरणादायक लघु कहानियां )

एक बार एक मनोविज्ञान के शिक्षक क्लास में तनाव के सिद्धांत के बारे में पढ़ा रहे थे। फिर उन्होंने एक पानी का ग्लास उठाया। सबने सोचा की सर अब पूछेंगे की बताओ ग्लास कितना भरा है और कितना खाली है। पर उन्होंने पूछा बताओ इस पानी से भरे हुए ग्लास का वजन कितना होगा।

वहां बैठे छात्रों ने 200 ग्राम से ले के 1/2 किलो तक बताया। मनोविज्ञान के शिक्षक ने जवाब दिया की मेरे हिसाब से इस ग्लास का वजन मायने नहीं रखता। यह बस इस बात पे निर्भर करता है की मैं इसे कितने समय तक पकडे रहता हु।

अगर मै इसे 1 या 2 मिनिट तक पकड़ता हु तो इसका वजन हल्का होगा। वही अगर मै इसे 1 घंटे तक पकड़ता हु तो इसका वजन भारी हो जायेगा जिसके वजह से मेरे हांथो में दर्द होने लगेगा। और अगर मै इसे एक दिन तक पकडे रहता हु तो मेरे हांथो की नसे सुन्न होने लगेगी शायद हो सकता है मेरे हांथो को लकवा भी मार जाये।

हर मामले में ग्लास का वजन बदला नहीं पर मै इसे जितना ज्यादा देर पकड़ता हु तो इस ग्लास का वजन उतना ही ज्यादा बढ़ता जाता है। उसी प्रकार आपके जीवन में भी तनाव और चिंता इस पानी के ग्लास के सामान है। उसके बारे में थोड़ा सोचे अगर कुछ ना हो तो थोड़ा और ज्यादा सोचो आपको दर्द होने लगेगा। और अगर आप दिन भर इसके बारे में सोचे तो आप खुद को लकवा ग्रस्त समझने लगेंगे।

कहानी से शीख : जिंदगी में फालतू के चिंता और तनाव को ले के सोचते रहेंगे तो अपना ही नुकसान होगा।

8. लालची मत बनो। ( 10 प्रेरणादायक लघु कहानियां )

एक शेर को बहुत बहुत भूक लगी थी। वह खाने की तलाश में कई दिनों से भटक रहा था पर उसे शिकार उसे नहीं मिल रहा था। एक दिन उसे एक छोटा सा खरगोश दिखा। खरगोश के देख के शेर उसपे टूट पड़ा और उसे पकड़ लिया।

शेर सोचने लगा इतने दिनों से भूक लगी थी चलो इस खरगोश से मेरी भूख थोड़ी तो कम होगी शेर जैसे ही उसे खाने वाला था तभी उसे हिरण दिखाई दिया। अब शेर ने सोचा लगता है आज अच्छा दिन है मै इस हिरण को ही खाऊंगा जिससे मेरा पेट भर जायेगा।

शेर ने खरगोश को छोड़ दिया और हिरण के पीछे दौड़ा पर देखते ही देखते हिरण भी वहां से गायब हो गया। शेर को फिर से भूखे रहना पड़ा क्यों की खरगोश भी अब वहां से जा चूका था।

कहानी से शीख : ज्यादा लालच करने से कुछ नहीं मिलता जितना है उसमे संतोष करना चाहिए।

9. हमेशा सच बोलो। ( 10 प्रेरणादायक लघु कहानियां )

एक रात 4 स्कूल के लड़के पार्टी कर रहे थे। अगली सुबह उनका एग्जाम था। फिर भी वो लोग मस्ती कर रहे थे। पार्टी करते हुए जब सुबह हो गई तो परीक्षा नहीं देने के लिए वो लोग प्लांन बनाये।

परीक्षा शुरू होने के बाद वो लोग प्रिंसिपल के ऑफिस गए वहां सर से कहा हमें माफ़ करिये हमारी परीक्षा आप कुछ दिन बाद ले लो। क्यों की कल रत हम शादी में गए थे वहां से लौटते समय हमरी कार का टायर पंचर हो गया। पूरी रात कार को धक्का दे के घर तक लाये है। इसलिए हम कुछ तैयरी भी नहीं कर पाए।

प्रिंसिपल सर ने उनकी दुःख भरी कहानी सुनी और उन लोगो को 3 दिन का टाइम दे दिया। वे सारे लड़के 3 दिन तक कड़ी मेहनत से तैयारी   की और 3 दिन बाद परीक्षा देने गए। तो सबको अलग कमरे में बैठा दिया गया। वे इस बात से भी खुश थे की कोई बात नहीं हमने तो तैयारी कर ली है अब आराम से पास हो जायेंगे।

जैसे ही उनके सामने question paper आया तो उसमे बस एक ही सवाल पूछा गया था पूरे 100 नंबर का। आपकी गाड़ी का कौन सा टायर पंचर हुआ था। 10 प्रेरणादायक लघु कहानियां

कहानी से शीख : परिस्थि चाहे जैसी भी हो हमें झूठ नहीं बोलना चाहिए। क्यों की झूठ बोलने वाला और भी ज्यादा दलदल में फस जाता है।

10. होशियार कार्यकर्ता ( 10 प्रेरणादायक लघु कहानियां )

एक मेहनती लकड़हारे ने एक लकड़ी के व्यपारी से नौकरी मांगी और बोला मै बहुत मेहनत करूँगा। लकड़ी के व्यपारी ने खुश हो कर उसे अच्छे वेतन पे रख लिया और कहा अगर तुम मेहनत से काम करते रहे तो अगले महीने से तुम्हारा वेतन और भी बढ़ा दूंगा।

फिर उसे एक कुल्हाड़ी दी और उसे वह जगह दिखाई जहा से लकड़ी काटनी थी। लकड़हारा खुश हुआ, वह पूरे ईमानदारी और मेहनत के साथ लकड़ी काटने में जुट गया। और उस दिन उसने पूरे 25 पेड़ काट दिए।

उसके मालिक ने लकड़हारे को बधाई थी। दूसरे दिन फिर लकड़हारा पूरे ईमानदारी और मेहनत के साथ अपने काम में लग गया पर उस दिन वह सिर्फ 20 ही पेड़ काट पाया। तीसरे दिन उसने फिर कम पेड़ काटे। हर रोज पेड़ कम कट रहे थे ये देख के लकड़हारा चिंतित हो गया और अपने मालिक के पास गया।

लकड़हारे में मालिक से बोला मुझे माफ़ करिये मै रोज और ज्यादा मेहनत करता हूँ पर पता नहीं क्यों कम पेड़ ही काट पा रहा हूँ। मुझे लगता है की शायद मै कमजोर हो गया हूँ।

उसके मालिक ने पूछा अच्छा ये बताओ तुमने पिछली बार कुल्हाड़ी की धार कब तेज की थी। इस पर लकड़हारे ने जवाब दिया मै कुल्हाड़ी के धार को तेज करने में समय नहीं बर्बाद करना चाहता मै तो बस ज्यादा से ज्यादा पेड़ काटना चाहता हूँ इसलिए मैंने कभी भी कुल्हाड़ी की धार तेज नहीं की।

कहानी से शीख :  इस कहानी से हमें ये शिक्षा मिलती है की हमें मेहनत की जगह दिमाग से काम करना चाहिए।

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4 thoughts on “10 प्रेरणादायक लघु कहानियां। Laghu Katha | Best Motivational Short Stories In Hindi”

    • Hello Shivanshu,

      Thank you for your comment. However, I couldn’t find the word ‘thi’ in the 3rd paragraph. Could you please provide the correct sentence or word for clarification?”

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