Dosti ki kahani – Best Friendship Story In Hindi – दोस्ती की 3 प्रेरक कहानियाँ

इस पोस्ट में हम दोस्ती की 3 प्रेरक कहानियां ( Dosti ki kahani ) पढ़ेंगे। दोस्त के बारे में एक छोटा सा वर्णन: एक अच्छा दोस्त हमारे जीवन में खुशियों और उदासियों के साथ हमेशा खड़ा रहता है।

वह हमें समझता है, हमारी मदद करता है और हमारे मजबूत और कमजोर परिस्थियों में हमारे साथ रहता है। एक सच्चा दोस्त जीवन का अनमोल रत्न होता है जिसे हमेशा संजोए रखना चाहिए।

दोस्त हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। एक सच्चा दोस्त हमारे जीवन को बेहतर बनाता है, हमारी समस्याओं और चिंताओं को साझा करता है और हमें संबंधों में सफलता प्राप्त करने में मदद करता है। एक दोस्त हमेशा उत्साहित होता है और हमें अपने जीवन को एक नए आयाम देखने के लिए प्रेरित करता है।

दोस्त हमेशा हमारी मदद करते हैं, चाहे वह किसी भी तरह की हो। वे हमें समझते हैं और हमारे साथ हमेशा रहते हैं। जिस तरह दो लोग एक दूसरे को समझते हैं, उनके बीच की दोस्ती से एक स्वर्ग जैसा महसूस होता है।

एक सच्चा दोस्त हमेशा आपके साथ होता है, चाहे आप उससे ज्यादा कुछ न मांगते हों। वह आपको हमेशा खुश रखने का प्रयास करता है और आपके सभी संबंधों को सफलता प्राप्त करने में मदद करता है। दोस्त का होना एक बड़ी खुशी होती है, जो हमेशा आपके जीवन में मौजूद होती है।

दोस्त की उपस्थिति से हमारी ज़िन्दगी में बहुत सारी अच्छी बातें होती हैं, जो हमें एक नया दृष्टिकोण देती हैं। अगर हमें कभी अपने दोस्त की मदद की आवश्यकता होती है तो वह हमेशा हमारे साथ होते हैं।

दोस्ती की 3 प्रेरक कहानियां ( Dosti ki kahani )

1. राहुल और मोहन की Dosti ki kahani।

दो बच्चे थे, राहुल और मोहन। वे दोनों एक ही क्लास में थे और एक दूसरे के अच्छे दोस्त थे। राहुल बहुत ही अच्छा और अधिक बोलने वाला लड़का था जबकि मोहन शांत और कम बोलने वाला लड़का था। राहुल के माता पिता बहुत अमीर थे। जब की मोहन एक साधारण परिवार से था

एक दिन, राहुल की माँ को एक घटना की जानकारी मिली। वह घटना यह थी कि मोहन की माँ अचानक  से बीमार हो गई थी। राहुल की माँ उसकी मदद के लिए अपने बेटे के साथ उनके घर गई। वहाँ पहुँचकर पता चला कि मोहन की माँ अस्पताल में भर्ती थी और वहां अभी तक उसका अच्छे से इलाज नहीं हो रहा था।

राहुल की माँ ने मोहन की माँ को एक वहां से निकल के एक अच्छे से अस्पताल में भर्ती करवाया और सारे इलाज का पैसा खुद खर्च किया मोहन बहुत ही सहयोगी दोस्त था।

जब मोहन की माँ सही हो गई तो उसने तुरंत अपनी माँ को राहुल के घर ले गया। और अपनी माँ को बताया की इन्होने ने ही आपका अच्छे से इलाज करवाया है। फिर  मोहन की माँ ने, राहुल को, और उसकी माँ को देखते हुए उन्हें दुआएं दी।

इस पर राहुल की माँ ने कहा, की ऐसा मैंने इसलिए किया, क्यों की मुझे अपने बेटे को सीख देनी थी। की हमें हमेसा अपने समाज में लोगो की मदद करनी चाहिए।

राहुल और मोहन दोनों अच्छे दोस्त थे, लेकिन इस घटना के बाद उनकी दोस्ती और मजबूत हो गई। वे दोनों हमेशा एक-दूसरे की मदद करने के लिए उपलब्ध रहते थे और एक दूसरे के साथ ज्यादा समय बिताने लगे। वे दोनों के बीच एक गहरी दोस्ती और आपसी समझ हो गई थी।

 

2. चींटी और हाथी की दोस्ती। दोस्ती की 3 प्रेरक कहानियां ( Dosti ki kahani )

एक बार जंगल में एक चींटी रहती थी जो बहुत ही साहसी थी। वह हमेशा यह सोचती रहती थी कि उसे दुनिया के सबसे बड़े जानवरों में से एक से दोस्ती करनी है। एक दिन वह हाथी से मिली जो उससे कहीं ज्यादा बड़ा था।

चींटी ने हाथी से बातचीत की और उससे दोस्ती की। हाथी ने भी चींटी के साथ अच्छी तरह से बात की और उसे अपना सच्चा दोस्त माना। दोनों के बीच दोस्ती मजबूत होती गई। वे एक दूसरे के साथ समय बिताना शुरू कर दिया था।

हाथी कभी-कभी चींटी के लिए फल और पत्ते तोड़कर उसे खिलाता था। वह उसे कहीं भी ले जाता था जहां वह चाहती थी। चींटी और हाथी के बीच एक और बात थी, दोनों एक दुसरे के बिना नहीं रहते थे।

एक दिन, चींटी ने हाथी से कहा कि उसे अपने घर जाना है अपने घर वालो से मिलने। हाथी ने उसे अपने बड़े पैरों पर बैठा लिया और उसे घर तक पहुंचा दिया।

चींटी को इतना बड़ा हाथी अपने पैरों पर उठाक लेकर ले जा रहा था, जिससे उसे बहुत अच्छा लगा। चींटी ने हाथी को धन्यवाद दिया और उसे अपने घर में बुलाया। उसने अपने घर में हाथी का बहुत ख्याल रखा । हाथी ने उसे धन्यवाद दिया और चला गया।

बाद में, चींटी और हाथी की दोस्ती बहुत मजबूत हो गई थी, और वे एक दूसरे की हमेशा सहायता करते रहते थे। यह दोस्ती जंगल में सभी जानवरों के बीच एक अनोखी दोस्ती बन गई थी जो लोगों को अचंभित कर देती थी।

कहानी से सीख – इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि दो व्यक्ति भले ही आपस में अलग-अलग हों, लेकिन यदि उनमें दोस्ती और सहयोग हो तो वे एक दूसरे के लिए कुछ भी कर सकते हैं। इसलिए, हमें हमेशा दूसरों के साथ अच्छी तरह से बर्ताव करना चाहिए और उनसे दोस्ती करना चाहिए।

3 तोता और पेड़ की Dosti ki kahani

एक वृक्ष के ऊपर एक तोता रहता था। यह वृक्ष बहुत बड़ा था और इसकी शाखाओं पर अनेक तोते अपनी आवाज से फिजूल के बातें करते रहते थे।

एक दिन, एक तोता बहुत बीमार हो गया। तो दूसरे तोतों ने उसे अपने ग्रुप से निकल दिया और उसे अकेला छोड़ दिया। वह तोता पास के ही एक पेड़ पे रहने रहने लगा। बीमार होने के वजह से वह दिन भर उस पेड़ पे ही उदास बैठा रहता था।

उसकी उदासी पेड़ से देखी नहीं गई, और पेड़ ने तोते से पूछ लिया, क्यों तोते भाई तुम इतने उदास क्यों रहते हो और तुम अपने साथियो के पास भी नहीं जाते, बस पूरा दिन मेरी शाखाओ पे उदास क्यों ? बैठे रहते हो।

इस पर उस तोते ने जवाब दिया। क्या करू पेड़ भाई, मैं बीमार हूँ तो मेरे अपनों ने ही मुझे खुद से दूर कर दिया है अब मेरा इस दुनिया में कोई भी नहीं है। बीमारी के वजह से मैं जल्दी ही मर जाऊंगा।

तोते की बात सुनकर पेड़ बहुत जोर से हँसा, ऐसा क्यों कहते हो तुम्हारा कोई नहीं, देखो – मैं तो हूँ तुम्हारे साथ तुम मुझे अपना दोस्त समझो, और तुम्हारी बीमारी का इलाज मेरे पास है, पेड़ ने अपने जड़ से कुछ निकला और तोते को खाने को दिया, तोता उसे कहते ही ठीक हो गया। तोते ने पेड़ का धन्यवाद दिया, और वो दोनों अच्छे दोस्त बन गए।

तब से वह तोता उस वृक्ष को अपने दोस्त की तरह मानता था। उसके लिए वह उस वृक्ष का देखभाल करता था और उसके शाखाओं पर अपनी जगह बनाकर बैठता था। वह अपनी आवाज से अनेक तरह के संगीत गाता था जो उस वृक्ष की सौंदर्यता को बढ़ाता था।

तब से दोनों मित्र बने रहे और एक दूसरे की मदद करते रहे। उन्होंने सहयोग करके एक-दूसरे की मदद की और एक-दूसरे के साथ बहुत समय बिताया। वह वृक्ष और उसका मित्र तोता दोनों ही एक दूसरे की मदद करने के लिए जाने जाते थे ।और इस प्रकार दोनों का संबंध सदा के लिए बना रहा।

कहानी से सीख – इस Dosti ki kahani से हमें यह सीख मिलती है कि जिस तरह एक वृक्ष और तोता एक-दूसरे की मदद करते रहे, उसी तरह हमें भी अपने जीवन में जरूरत मंद की हमेशा मदद करनी चाहिए।

हमें दूसरों की मदद करते समय खुश और संतुष्ट महसूस होता है और इससे हमारा जीवन भी खुशहाल होता है। साथ ही, हमें दूसरों की मदद से अपने कर्मों को अच्छे कर्मों की ओर बढ़ाना चाहिए। जैसा कि हमने इस कहानी में देखा कि जब वृक्ष ने तोते की मदद की, तो तोते ने भी वृक्ष के साथ मिलकर उसकी सुंदरता को बढ़ाया।

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