Kishan Ki Shikayat – किसान की शिकायत – Best Moral Story In Hindi 2023

“Kishan ki shikayat”जानिए कैसे एक किसान को अपनी फसल की परेशानियों से निजात मिली। एक गावं में एक किसान रहता था। खेती ही उसके जीवन व्यापन का जरिया था। खेती करके वो अपने घर परिवार का पेट भरता और बच्चो की पढाई करवाता।

पर उस किसान की हमेशा से ही भगवान से एक शिकायत थी। की भगवान कभी फसल बुआई के समय वर्षा नहीं करते तो कभी फसल कटाई के समय वर्षा कर देते जिससे किसानो की फसल खराब हो जाती।

इस साल फसल बुआई का समय आ गया और वर्षा नहीं हो रही थी। किसान फसल बुआई के लिए बहुत दिनों तक इंतजार किया पर फिर भी वर्षा नहीं हुई।

तो एक दिन किसान अपने खेत में खड़े हो के आसमान की तरफ देखते हुए भगवान से शिकायत कर रहा था। की आप भगवान हो और आपको यही नहीं पता की खेत में फसल उगाने के लिए क्या जरुरी है।

जब जिस चीज की जरूरत होती है तो देते नहीं, और बिना मतलब के जो जरुरी नहीं है वो देते हो। जब पानी चाहिए तो आप पानी नहीं दे रहे हो।

और जब धूप चाहिए होता है तो वर्षा करा के हमारी फसल ख़राब कर देते हो। क्या ? आप नहीं चाहते क्या किसानो की फसल अच्छी हो, और लोगो को खाने की कोई कमी न हो।

मैं आपसे हाँथ  जोड़ के विनती करता हु की कृपा कर के बस एक बार अपने अपने मन मुताबिक मौसम करने का मौका दो। ताकि हम किसान अच्छे से अनाज ऊगा के आपको दिखा सके की खेती करने के लिए कैसे मौसम की जरूरत होती है। और फसल अच्छी होने की वजह से कोई भी इंसान कभी भूखा ना सके।

Kishan Ki Shikayat

तभी भगवान उस किसान के पास प्रगट हुए। और हस्ते हुए बोले ” अच्छा ठीक है ”  इस फसल की बुआई – कटाई तक तुम जैसा मौसम चाहोगे वैसा ही रहेगा इतना कह के भगवान चले गए।

वह किसान बहुत खुश हुआ। उसने अपने हिसाब से अच्छी फसल के लिए जितना पानी जरुरी था उतनी ही वर्षा करवाई, फसल को अच्छे से खाद पानी दिया। आंधी तूफान आने ही नहीं दिया। ना ही तेज धूप ना ही तेज हवा आने दिया ताकि फसल को कोई नुकसान ना हो।

ऐसे ही समय बीतते गया और देखते ही देखते एक अच्छी फसल तैयार हो गई। किसान फसल को देख के बहुत खुश हुआ और बोला देखो भगवान, अब आपको पता चला की अच्छी फसल के लिए कैसा मौसम जरुरी होता है।

अगले दिन किसान फसल काटने पंहुचा। जैसे ही फसल काटने लगा तो देखा की इस फसल की बालियों में तो दाना ही नहीं है। उसने तुरंत ही सारे फसल को छू छू कर देखने लगा फिर उसने देखा की किसी  भी फसल की बलियो में एक भी दाना नहीं है।

वह बहुत दुखी हुआ और रोने लगा। थोड़ा देर शांत होने के बाद उसने भगवान से पूछा हे भगवान ! ये अन्याय मेरे साथ क्यों किये मैंने तो अच्छी फसल के लिए जरुरी सारे इंतजाम किये थे, फिर भी मेरी फसल में दाना क्यों नहीं है।

तब भगवान वापस से आये और बोले – बेटा मैंने तेरे साथ अन्याय नहीं किया है। बल्कि तूने ही अपनी फसलों के साथ ऐसा किया है। मै तो पहले ही जनता था ऐसा ही होगा। क्यों की तुमने इन फसलों को बिल्कुल संघर्ष नहीं करने दिया।

ये फसल अगर तेज धूप सहती, तेज अँधिया झेलती तब तो ये अंदर से मजबूत होती। तुमने इन्हे किसी भी चुनौतियों का सामना नहीं करने दिया इसलिए बाहर से देखने में सुंदर तो है पर अंदर से बिल्कुल खोखली है।

किसान ने भगवान से अपनी नासमझी की माफ़ी मांगी। और कहा हे प्रभु अब मुझे समझ आ गया की आप ऐसा क्यों करते है। (Kishan Ki Shikayat)

इसी प्रकार – संघर्ष करने से इंसान मजबूत होता है। जीवन में समस्याओं और मुश्किलों से लड़ना, उन्हें हल करने का तरीका ढूंढना और अपने आप को समझाना आवश्यक होता है। जिस तरह एक मुस्कुराहट ज़िन्दगी में सभी मुसीबतों का सामना करने की ताकत देती है, उसी तरह संघर्ष भी हमें अधिक मजबूत बनाता है।

संघर्ष करने से हमारी निर्णय क्षमता, समस्याओं के सामने जवाबदेही, तय करने की क्षमता और संकल्प की ताकत में सुधार होता है। जब हम समस्याओं का सामना करते हैं, तो हम अपने आप में नई शक्तियों को खोजते हैं जो हमें अगली बार समस्याओं का सामना करने में मदद करती है ।

कहानी से शीख –  संघर्ष से नहीं भागना चाहिए। इससे हम अपनी आत्मा को बढ़ावा देते हैं और सफलता की ओर अधिक निकट आते हैं।

अवलोकन – rshindi.com के द्वारा बताई गई, “किसान की शिकायत ( Kishan Ki Shikayat)”  कहानी आपको कैसी लगी हमें comment कर के जरूर बताये।

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